

स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, परिवार कल्याण विभाग और जिलाधिकारी को शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जनता में आक्रोश है।
सूत्रों के मुताबिक, अधीक्षिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुभवी डॉक्टरों को मनमाने तरीके से प्रतिनियुक्ति पर भेज रही हैं।
डॉ. शीतल खंडेलवाल, डॉ. नेहा शर्मा और डॉ. धवल सावंत जैसे अनुभवी चिकित्सकों को दूरस्थ स्थानों पर भेज दिया गया है, जिससे अस्पताल में प्रसूताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हर दिन 100 से 200 महिलाएं यहां प्रसूति के लिए भर्ती होती हैं, मगर अब अनुभवी डॉक्टरों की कमी से इलाज प्रभावित हो रहा है।
इतना ही नहीं — अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल है, सरकारी एंबुलेंस धूल खा रही हैं, जबकि अधिकारी बोगस पेट्रोल-डीजल बिल बनाकर जेबें भर रहे हैं।
रुग्णालय परिसर में गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का आलम है, और मरीजों को निजी खर्च पर लौटना पड़ रहा है।
जनता मांग कर रही है — इस भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए!
बी.जी.डब्ल्यू. महिला अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा!








