
गोंदिया: ग्राम पंचायत गंगाझरी के सरपंच एवं प्रशासक सोनुभाऊ विनायक घरडे ने 25 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में ग्राम पंचायत प्रशासन पर लगाए गए विभिन्न आरोपों का खंडन किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने तथा ग्राम पंचायत और प्रशासन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में सरपंच सोनुभाऊ घरडे ने कहा कि ई-निविदा प्रक्रिया, सामग्री खरीदी, आदिवासी सांस्कृतिक भवन, ग्राम पंचायत भवन मरम्मत, वृक्षारोपण, सरकारी भूमि, अतिक्रमण तथा अन्य विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्य शासन के नियमों, ग्रामसभा के ठरावों तथा विभागीय मंजूरी के अनुरूप किए गए हैं।
प्रेस नोट में ग्राम पंचायत अधिकारी डी.के. महाकालकर का भी पक्ष शामिल किया गया था, हालांकि वे निजी कारणों से प्रेस वार्ता में उपस्थित नहीं रह सके। इसलिए उनके संबंध में प्रस्तुत जानकारी को लिखित स्पष्टीकरण के रूप में देखा जाना चाहिए।
सरपंच घरडे ने आरोप लगाया कि कुछ शिकायतकर्ता लंबे समय से ग्राम पंचायत प्रशासन के विरुद्ध अभियान चलाकर गांव में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई शिकायतकर्ताओं के स्वयं के अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा अन्य विवादित मामलों से जुड़े प्रकरण विभिन्न स्तरों पर मौजूद हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि गांव में किए गए विकास कार्यों का रिकॉर्ड उपलब्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दस्तावेज जांच एजेंसियों और सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
हालांकि, ग्राम पंचायत गंगाझरी से जुड़े जिन मामलों को लेकर आरोप लगाए गए हैं, वे वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर शिकायत एवं जांच प्रक्रिया के दायरे में हैं। ऐसे में प्रेस वार्ता में प्रस्तुत जानकारी संबंधित पक्ष का जवाब और खंडन है। आरोप सही हैं या गलत, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों, जांच एजेंसियों अथवा संबंधित विभागों की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इसलिए फिलहाल आरोपों और उनके खंडन को दोनों पक्षों के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद ही सामने आएगी।
(यह समाचार ग्राम पंचायत गंगाझरी के सरपंच सोनुभाऊ घरडे द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता एवं उपलब्ध प्रेस नोट के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूर्ण होने के बाद ही संभव होगी।)








